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गुरु घासीदास मंदिर ट्रस्ट तुलसी बरोडारा सार्वजनिक न्यास रायपुर (छ.ग.) पं.क्रं.374 दिनांक 29/11/2014 के अनुसार "छत्तीसगढ़ प्रदेश में निवासरत 'सतनामी समाज ' के लोग जो गुरु घासीदास बाबा के अनुयायी हैं . सतनाम धर्म का पालन करतें हैं . क्या हम जानतें है की 'सतनामी समाज ' की वास्तविक जनसँख्या कितनी है ? कितनी व्यस्क और अवयस्क आबादी है ? आदि बहुत साड़ी जानकारियां है जिनकी वजह से " छत्तीसगढ़ प्रदेश में  सतनामी समाज की जनगणना" 12 बिन्दुओं के आधार पर की जानी है .

हमें जनगणना की आवश्यकता क्यों है ? -- जिस तरह भारत  सरकार प्रत्येक 10 साल में एक बार जनगणना करवाती है और जनगणना से प्राप्त आंकड़ों  के आधार पर हमारे देश के प्रमुख योजना आयोग के माध्यम से विभिन्न साड़ी योजनायें जनता के विकास के लिए तैयार करती है . ठीक उसी तरह हमारे छत्तीसगढ़  प्रदेश में निवासरत 'सतनामी समाज ' की कुल आबादी की  जनगणना  कर वास्तविक आंकड़ो को संगृहीत कर सामाजिक विकास के लिए योजनायें तैयार कर समाज का  विकास करने का लक्ष्य /उद्देश्य गुरु घासीदास मंदिर ट्रस्ट तुलसी बरोडारा रखती है

हमें  जनगणना  के द्वारा प्राप्त होने वाले लाभ :-

  1.     छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तर  सतनामी समाज की वास्तविक संख्या का पता चलेगा
  2.     प्रदेश में आबादी के हिसाब से हमारा अनुपात क्या है .
  3.     प्रदेश में कितनी पुरुष व कितनी महिला आबादी है , इसका वास्तविक आंकड़ा हमारे पास हमेशा उपलब्ध रहेगा
  4.     समाज में शिक्षा का अनुपात क्या है पता चलेगा
  5.     समाज में रोजगार, नौकरी , व्यवसाय की वास्तविक जानकारी मिलेगी
  6.     समाज में कितने व्यस्क व् अवयस्क लोगों की वास्तविक आंकड़ा पता चलेगा
  7.     जनगणना आंकड़ों के हिसाब से "सतनामी समाज " की  सभी क्षेत्रों में क्या स्थिति है, इसका वास्तविक स्वरुप हमें प्राप्त हो जायेगा

   
गुरु घासीदास मंदिर ट्रस्ट तुलसी बरोडारा का  मुख्य उद्देश्य या लक्ष्य

  1. "छत्तीसगढ़ सतनामी समाज" का पांच स्तरीय एक सशक्त संगठन तैयार करना है जो ग्राम इकाई, जोन इकाई, विकास खंड इकाई, जिला इकाई और प्रदेश इकाई के तौर पर अपना कार्य करेगी . यह  "सामाजिक  जनगणना सर्वे " न सिर्फ सतनामी समाज की  वास्तविक आंकड़ा प्रदान करेगी . बल्कि एक सशक्त प्रदेश स्तरीय संगठन प्रदान करेगी . इसके पास न सिर्फ बुद्धिजीवि समाज का नेतृत्व करेगा बल्कि आर्थिक तौर पर एक सशक्त मंच रहेगा . जिसके माध्यम से सामाजिक विकास के लिए रुपरेखा या ढांचा तैयार किया जायेगा .
  2. यह पूर्ण तौर पर एक लोकतान्त्रिक संगठन रहेगा, जिसका अपना एक सविंधान (नियमावली) है . जिसके माध्यम से पूरे  छत्तीसगढ़ सतनामी समाज का संचालन किया जायेगा
  3. गुरु घासीदास मंदिर ट्रस्ट तुलसी बरोडारा सार्वजनिक न्यास रायपुर (छ.ग.) पं.क्रं.374 दिनांक 29/11/2014, छ.ग. सतनामी समाज का तदर्थ या मनोनीत प्रदेश स्तरीय संगठन इकाई का प्रधान या प्रमुख रहेगा . जिनके द्वारा  उक्त समस्त कार्यों  का संचालन व रुपरेखा तैयार की जावेगी . उपरोक्त कार्यों  के आलावा उक्त ट्रस्ट समस्त कार्यों की संचालन की जिम्मेदार स्वयं तय करेगी
  4. "गुरु घासीदास मंदिर ट्रस्ट तुलसी बरोडारा" सार्वजनिक न्यास रायपुर (छ.ग.) पं.क्रं.374 दिनांक 29/11/2014 किसी भी तरह की विवाद की स्थिति में न्यायालीन क्षेत्र न्यायालय क्षेत्र रायपुर रहेंगे.